अक्षय खन्ना इस समय अपने करियर में आए जबरदस्त उछाल का आनंद ले रहे हैं, जिसका श्रेय उनकी फिल्म 'धुरंधर' में उनके शानदार अभिनय को जाता है। हालांकि, डायरेक्टर फराह खान ने फैंस को एक दिलचस्प बात बताई कि अक्षय खन्ना हमेशा से उतने 'कूल' इंसान नहीं थे, जितने वे आज हैं। फराह ने रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट पर बताया कि 1990 के दशक में वे अक्षय खन्ना से इतनी ज्यादा परेशान हो गई थीं कि वे उन फिल्मों से दूर ही रहती थीं, जिनमें वो काम करते थे।
फराह ने कहा, '90 के दशक में मैंने अक्षय के साथ कुछ फिल्में की थीं और उसके बाद मैं सचमुच परेशान हो गई थी। क्योंकि उस समय वे बिल्कुल ही अलग इंसान हुआ करते थे। हां, वे थोड़े इंट्रोवर्ट जरूर थे, लेकिन सेट पर उनका बर्ताव कुछ खास अच्छा नहीं होता था, जब भी मुझे पता चलता था कि किसी फिल्म में अक्षय खन्ना हैं तो मैं तुरंत कह देती थी... मेरे पास उस समय की तारीखें खाली नहीं हैं।'
फराह ने एक पुराना किस्सा याद करते हुए, खुलासा किया कि जब उन्होंने पहली बार साथ काम किया था तब वह सेट पर बिल्कुल अच्छे इंसान नहीं थे। उन्हें कहा कि वह हर वक्त चिड़चिड़ा रहता था, अक्सर चीजें फेंक देता था और अपने तेज मिजाज के कारण स्क्रिप्ट पर सवाल उठाता रहता था। फराह न आगे बताया कि अक्षय बालों के झड़ने की समस्या से जूझ रहा था। महज 19 साल की उम्र में वह इस बदलाव को अपने करियर के लिए एक बहुत बड़ा खतरा मानने लगा था। फराह ने यह भी बताया कि वह हर बारिश वाले सीन में बालों को छिपाने के लिए टोपी पहनने की जिद करता था। उन्होंने कहा, 'उसके साथ कमा करना मुश्किल था। मुझे ट्रॉमा हो गया था।'
उसकी जिंदगी में बदलाव तब आया, जब उसने 2001 की कल्ट फिल्म 'दिल चाहता है' में काम किया। यह फिल्म वह फरहान अख्तर के निर्देशन में बनी पहली फिल्म के तौर पर कर रहा था और मुझे लगता है कि तब तक उसने अपने बालों की समस्या को आखिरकार स्वीकार कर लिया था। अक्षय ने आखिरकार अपने बालों के झड़ने की बात से ध्यान हटा दिया और वह फिर से अपने पुराने बेफिक्र अंदाज में लौट आया था। फराह खान ने यह भी बताया कि आज दोनों बहुत अच्छे दोस्त हैं और कहा कि 'धुरंधर' के लिए उन्हें ऑस्कर मिलना चाहिए।
ये भी पढ़ें-
'रफ्तार' में दिखेगी राजकुमार राव–कीर्ति सुरेश की जोड़ी, रिलीज डेट का हुआ ऐलान
संपादक की पसंद